| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 107: श्रीराम और रावण का घोर युद्ध » श्लोक 19 |
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| | | | श्लोक 6.107.19  | तुमुलं त्रासजननं भीमं भीमप्रतिस्वनम्।
तद् वर्षमभवद् युद्धे नैकशस्त्रमयं महत्॥ १९॥ | | | | | | अनुवाद | | युद्धस्थल में अस्त्र-शस्त्रों की जो विशाल वर्षा हो रही थी, वह भयंकर, कोलाहलपूर्ण, डरावनी और भयंकर ध्वनि से युक्त थी ॥19॥ | | | | The huge shower of weapons on the battlefield was terrible, tumultuous, terrifying and filled with dreadful noise. ॥19॥ | | ✨ ai-generated | | |
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