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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 106: रावण के रथ को देख श्रीराम का मातलि को सावधान करना, रावण की पराजय के सूचक उत्पातों तथा राम की विजय सूचित करनेवाले शुभ शकुनों का वर्णन  »  श्लोक 5-6h
 
 
श्लोक  6.106.5-6h 
कृष्णवाजिसमायुक्तं युक्तं रौद्रेण वर्चसा॥ ५॥
दीप्यमानमिवाकाशे विमानं सूर्यवर्चसम्।
 
 
अनुवाद
उसमें काले घोड़े जुते हुए थे। उसकी चमक बहुत भयानक थी। वह आकाश में चमकते सूर्य के समान एक दीप्तिमान विमान जैसा प्रतीत हो रहा था।
 
It had black horses harnessed to it. Its brilliance was very terrifying. It appeared like a radiant plane like the sun shining in the sky.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)