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ramayan 6.106.4-5h: अचानक राजा राम ने राक्षसराज रावण के रथ को, जो विशाल ध्वज से सुसज्जित था और घोर गर्जना करता हुआ, वहाँ आते देखा।   |   ramayan सर्ग 6.106: रावण के रथ को देख श्रीराम का मातलि को सावधान करना, रावण की पराजय के सूचक उत्पातों तथा राम की विजय सूचित करनेवाले शुभ शकुनों का वर्णन   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 106: रावण के रथ को देख श्रीराम का मातलि को सावधान करना, रावण की पराजय के सूचक उत्पातों तथा राम की विजय सूचित करनेवाले शुभ शकुनों का वर्णन  »  श्लोक 4-5h
 
 
श्लोक  6.106.4-5h 
तमापतन्तं सहसा स्वनवन्तं महाध्वजम्॥ ४॥
रथं राक्षसराजस्य नरराजो ददर्श ह।
 
 
अनुवाद
अचानक राजा राम ने राक्षसराज रावण के रथ को, जो विशाल ध्वज से सुसज्जित था और घोर गर्जना करता हुआ, वहाँ आते देखा।
 
Suddenly King Rama saw the chariot of the demon king Ravana, adorned with a huge flag and making a loud thundering sound, arriving there. 4 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)