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ramayan 6.106.35: अपनी विजय सूचित करने वाले इन शुभ शकुनों को देखकर श्री रघुनाथजी बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने रावण को मरा हुआ मान लिया ॥35॥   |   ramayan सर्ग 6.106: रावण के रथ को देख श्रीराम का मातलि को सावधान करना, रावण की पराजय के सूचक उत्पातों तथा राम की विजय सूचित करनेवाले शुभ शकुनों का वर्णन   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 106: रावण के रथ को देख श्रीराम का मातलि को सावधान करना, रावण की पराजय के सूचक उत्पातों तथा राम की विजय सूचित करनेवाले शुभ शकुनों का वर्णन  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  6.106.35 
निमित्तानीह सौम्यानि राघव: स्वजयाय वै।
दृष्ट्वा परमसंहृष्टो हतं मेने च रावणम्॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
अपनी विजय सूचित करने वाले इन शुभ शकुनों को देखकर श्री रघुनाथजी बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने रावण को मरा हुआ मान लिया ॥35॥
 
Seeing these auspicious omens indicating His victory, Sri Raghunatha was very pleased and he considered Ravana to be dead. ॥ 35॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)