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ramayan 6.106.34: श्री राम के समक्ष भी अनेक शकुन प्रकट हुए, जो हर प्रकार से शुभ, सौभाग्यशाली और विजय के सूचक थे।   |   ramayan सर्ग 6.106: रावण के रथ को देख श्रीराम का मातलि को सावधान करना, रावण की पराजय के सूचक उत्पातों तथा राम की विजय सूचित करनेवाले शुभ शकुनों का वर्णन   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 106: रावण के रथ को देख श्रीराम का मातलि को सावधान करना, रावण की पराजय के सूचक उत्पातों तथा राम की विजय सूचित करनेवाले शुभ शकुनों का वर्णन  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  6.106.34 
रामस्यापि निमित्तानि सौम्यानि च शिवानि च।
बभूवुर्जयशंसीनि प्रादुर्भूतानि सर्वश:॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
श्री राम के समक्ष भी अनेक शकुन प्रकट हुए, जो हर प्रकार से शुभ, सौभाग्यशाली और विजय के सूचक थे।
 
Many omens appeared before Shri Ram also, which were in every way auspicious, fortunate and indicative of victory.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)