Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.106.33: इस प्रकार अनेक भयंकर एवं भयानक विपत्तियाँ घटित हुईं, जो रावण के विनाश की घोषणा कर रही थीं।   |   ramayan सर्ग 6.106: रावण के रथ को देख श्रीराम का मातलि को सावधान करना, रावण की पराजय के सूचक उत्पातों तथा राम की विजय सूचित करनेवाले शुभ शकुनों का वर्णन   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 106: रावण के रथ को देख श्रीराम का मातलि को सावधान करना, रावण की पराजय के सूचक उत्पातों तथा राम की विजय सूचित करनेवाले शुभ शकुनों का वर्णन  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  6.106.33 
एवंप्रकारा बहव: समुत्पाता भयावहा:।
रावणस्य विनाशाय दारुणा: सम्प्रजज्ञिरे॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार अनेक भयंकर एवं भयानक विपत्तियाँ घटित हुईं, जो रावण के विनाश की घोषणा कर रही थीं।
 
In this way many terrible and dreadful calamities occurred, which were announcing the destruction of Ravana.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)