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ramayan 6.106.31: सैकड़ों भयंकर जलपक्षी भयंकर आवाजें करते हुए, आपस में झगड़ते हुए, रावण के रथ पर टूट पड़े।   |   ramayan सर्ग 6.106: रावण के रथ को देख श्रीराम का मातलि को सावधान करना, रावण की पराजय के सूचक उत्पातों तथा राम की विजय सूचित करनेवाले शुभ शकुनों का वर्णन   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 106: रावण के रथ को देख श्रीराम का मातलि को सावधान करना, रावण की पराजय के सूचक उत्पातों तथा राम की विजय सूचित करनेवाले शुभ शकुनों का वर्णन  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  6.106.31 
कुर्वन्त्य: कलहं घोरं सारिकास्तद्रथं प्रति।
निपेतु: शतशस्तत्र दारुणा दारुणारुता:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
सैकड़ों भयंकर जलपक्षी भयंकर आवाजें करते हुए, आपस में झगड़ते हुए, रावण के रथ पर टूट पड़े।
 
Hundreds of fierce water birds, making terrifying noises, quarrelling amongst themselves, fell upon Ravana's chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)