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ramayan 6.106.26: रावण के सामने पड़ने वाली सूर्य की किरणें लाल, पीली, श्वेत और काली रंग की, पर्वतीय धातुओं के समान दिखाई दे रही थीं॥ 26॥   |   ramayan सर्ग 6.106: रावण के रथ को देख श्रीराम का मातलि को सावधान करना, रावण की पराजय के सूचक उत्पातों तथा राम की विजय सूचित करनेवाले शुभ शकुनों का वर्णन   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 106: रावण के रथ को देख श्रीराम का मातलि को सावधान करना, रावण की पराजय के सूचक उत्पातों तथा राम की विजय सूचित करनेवाले शुभ शकुनों का वर्णन  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  6.106.26 
ताम्रा: पीता: सिता: श्वेता: पतिता: सूर्यरश्मय:।
दृश्यन्ते रावणस्याग्रे पर्वतस्येव धातव:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
रावण के सामने पड़ने वाली सूर्य की किरणें लाल, पीली, श्वेत और काली रंग की, पर्वतीय धातुओं के समान दिखाई दे रही थीं॥ 26॥
 
The rays of the Sun falling in front of Ravana appeared red, yellow, white and black in colour, like mountain metals.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)