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ramayan 6.106.16: इससे दस मुख वाला रावण क्रोधित हो गया और अपनी लाल-लाल आँखें फाड़कर रथ के सामने खड़े श्रीराम पर बाणों की वर्षा करने लगा।   |   ramayan सर्ग 6.106: रावण के रथ को देख श्रीराम का मातलि को सावधान करना, रावण की पराजय के सूचक उत्पातों तथा राम की विजय सूचित करनेवाले शुभ शकुनों का वर्णन   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 106: रावण के रथ को देख श्रीराम का मातलि को सावधान करना, रावण की पराजय के सूचक उत्पातों तथा राम की विजय सूचित करनेवाले शुभ शकुनों का वर्णन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.106.16 
तत: क्रुद्धो दशग्रीवस्ताम्रविस्फारितेक्षण:।
रथप्रतिमुखं रामं सायकैरवधूनयत्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
इससे दस मुख वाला रावण क्रोधित हो गया और अपनी लाल-लाल आँखें फाड़कर रथ के सामने खड़े श्रीराम पर बाणों की वर्षा करने लगा।
 
This infuriated the ten-faced Ravana. Staring with his red eyes wide open, he began to shower arrows on Shri Ram who was standing in front of the chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)