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ramayan 6.103.8: उन बाणों के आघात से क्रोधित होकर महाबली श्रीराम ने प्रलयकाल के सूर्य के समान तेजस्वी बाण हाथ में ले लिये।   |   ramayan सर्ग 6.103: श्रीराम का रावण को फटकारना और उनके द्वार घायल किये गये रावण को सारथि का रणभूमि से बाहर ले जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.103.8 
शराभिघातसंरब्ध: सोऽभिजग्राह सायकान्।
काकुत्स्थ: सुमहातेजा युगान्तादित्यवर्चस:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
उन बाणों के आघात से क्रोधित होकर महाबली श्रीराम ने प्रलयकाल के सूर्य के समान तेजस्वी बाण हाथ में ले लिये।
 
Enraged by the impact of those arrows, the mighty Sri Rama took in his hands the arrows which were as radiant as the Sun at the time of doomsday.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)