Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.103.26: यह जानकर कि उसमें ये शुभ लक्षण प्रकट हुए हैं, राक्षसों का नाश करने वाले भगवान राम ने रावण को पुनः कष्ट देना आरम्भ कर दिया।   |   ramayan सर्ग 6.103: श्रीराम का रावण को फटकारना और उनके द्वार घायल किये गये रावण को सारथि का रणभूमि से बाहर ले जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 103: श्रीराम का रावण को फटकारना और उनके द्वार घायल किये गये रावण को सारथि का रणभूमि से बाहर ले जाना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  6.103.26 
शुभान्येतानि चिह्नानि विज्ञायात्मगतानि स:।
भूय एवार्दयद् रामो रावणं राक्षसान्तकृत्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
यह जानकर कि उसमें ये शुभ लक्षण प्रकट हुए हैं, राक्षसों का नाश करने वाले भगवान राम ने रावण को पुनः कष्ट देना आरम्भ कर दिया।
 
Knowing that these auspicious signs had appeared in him, Lord Rama, the destroyer of demons, started tormenting Ravana once again. 26.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)