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ramayan 6.103.21: रावण! तुम्हारा शव पृथ्वी पर फेंक दिया जाए और गिद्धों का समूह उसकी छाती पर झपट पड़े और बाणों के अग्रभागों से निकले हुए तुम्हारे रक्त को बड़ी प्यास से पी जाए॥ 21॥   |   ramayan सर्ग 6.103: श्रीराम का रावण को फटकारना और उनके द्वार घायल किये गये रावण को सारथि का रणभूमि से बाहर ले जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 103: श्रीराम का रावण को फटकारना और उनके द्वार घायल किये गये रावण को सारथि का रणभूमि से बाहर ले जाना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  6.103.21 
निपत्योरसि गृध्रास्ते क्षितौ क्षिप्तस्य रावण।
पिबन्तु रुधिरं तर्षाद् बाणशल्यान्तरोत्थितम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
रावण! तुम्हारा शव पृथ्वी पर फेंक दिया जाए और गिद्धों का समूह उसकी छाती पर झपट पड़े और बाणों के अग्रभागों से निकले हुए तुम्हारे रक्त को बड़ी प्यास से पी जाए॥ 21॥
 
Ravana! Let your corpse be thrown on the earth, and let a multitude of vultures pounce upon its chest and drink with great thirst your blood flowing through the holes made by the tips of the arrows.॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)