श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 102: इन्द्र के भेजे हुए रथ पर बैठकर श्रीराम का रावण के साथ युद्ध करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.102.9 
शीघ्रं यास्यामि देवेन्द्र सारथ्यं च करोम्यहम्।
ततो हयैश्च संयोज्य हरितै: स्यन्दनोत्तमम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
देवेन्द्र! मैं शीघ्र ही आपके उत्तम रथ में हरे घोड़े जोतकर उसे अपने साथ ले जाऊँगा और श्री रघुनाथजी का सारथि भी बनूँगा।॥9॥
 
Devendra! I will soon harness green horses to your excellent chariot and take it along with me and will also work as a charioteer for Sri Raghunathji.'॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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