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ramayan 6.102.19: श्री रामचन्द्रजी उत्तम अस्त्र-शस्त्रों के ज्ञाता थे। उन्होंने राक्षसराज के चलाए हुए गंधर्व अस्त्रों को अपने गंधर्व अस्त्र से और दैव अस्त्रों को अपने दैव अस्त्र से नष्ट कर दिया।   |   ramayan सर्ग 6.102: इन्द्र के भेजे हुए रथ पर बैठकर श्रीराम का रावण के साथ युद्ध करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 102: इन्द्र के भेजे हुए रथ पर बैठकर श्रीराम का रावण के साथ युद्ध करना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  6.102.19 
स गान्धर्वेण गान्धर्वं दैवं दैवेन राघव:।
अस्त्रं राक्षसराजस्य जघान परमास्त्रवित्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
श्री रामचन्द्रजी उत्तम अस्त्र-शस्त्रों के ज्ञाता थे। उन्होंने राक्षसराज के चलाए हुए गंधर्व अस्त्रों को अपने गंधर्व अस्त्र से और दैव अस्त्रों को अपने दैव अस्त्र से नष्ट कर दिया।
 
Shri Ramchandraji was knowledgeable of excellent weapons. He destroyed the Gandharva weapons fired by the demon king with his Gandharva weapon and the Daiva weapons with his Daiva weapon.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)