Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.100.35-36: जब वह अत्यंत तेज और अत्यंत वेगवान शक्ति, जो नागराज वासुकि की जीभ के समान चमक रही थी, लक्ष्मण की विशाल छाती पर पड़ी, तो वह अपने बल से रावण के भीतर बहुत गहराई तक घुस गई। उस शक्ति से हृदय छिद जाने के कारण लक्ष्मण पृथ्वी पर गिर पड़े। | ramayan सर्ग 6.100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब वह अत्यंत तेज और अत्यंत वेगवान शक्ति, जो नागराज वासुकि की जीभ के समान चमक रही थी, लक्ष्मण की विशाल छाती पर पड़ी, तो वह अपने बल से रावण के भीतर बहुत गहराई तक घुस गई। उस शक्ति से हृदय छिद जाने के कारण लक्ष्मण पृथ्वी पर गिर पड़े।
When that extremely bright and extremely fast energy, shining like the tongue of the serpent king Vasuki, fell on the huge chest of Lakshmana, it penetrated very deep into Ravana due to its force. Lakshmana fell on the earth due to his heart being pierced by that energy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥