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एषा ते हृदयं भित्त्वा शक्तिर्लोहितलक्षणा।
मद्बाहुपरिघोत्सृष्टा प्राणानादाय यास्यति॥ २९॥
अनुवाद
यह शक्ति स्वभावतः शत्रुओं के रक्त में स्नान करने के लिए है। मेरे हाथों से छूटते ही यह तुम्हारे हृदय को भेद देगी और तुम्हारे प्राण भी ले लेगी।'
This Shakti is naturally meant to bathe in the blood of enemies. As soon as it is released from my hands, it will pierce your heart and take your life with it.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥