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ramayan 6.100.22: तत्पश्चात् रावण ने विभीषण को मारने के लिए एक विशाल अस्त्र हाथ में लिया जो अपनी अमोघ शक्ति के लिए प्रसिद्ध था। काल भी उसके वेग को सहन नहीं कर सकता था। वह अस्त्र उसके तेज से चमक रहा था।   |   ramayan सर्ग 6.100: राम और रावण का युद्ध, रावण की शक्ति से लक्ष्मण का मूर्च्छित होना तथा रावण का युद्ध से भागना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.100.22 
तत: सम्भाविततरां कालेनापि दुरासदाम्।
जग्राह विपुलां शक्तिं दीप्यमानां स्वतेजसा॥ २२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् रावण ने विभीषण को मारने के लिए एक विशाल अस्त्र हाथ में लिया जो अपनी अमोघ शक्ति के लिए प्रसिद्ध था। काल भी उसके वेग को सहन नहीं कर सकता था। वह अस्त्र उसके तेज से चमक रहा था।
 
Thereafter, to kill Vibhishan, Ravana took a huge weapon in his hand which was famous for its infallibility. Even time could not bear its speed. That weapon was glowing with its brilliance.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)