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ramayan 6.10.26: इस प्रकार भाई विभीषण ने अपने मंत्रियों की उपस्थिति में अपने बड़े भाई राक्षसराज रावण से ये हितकारी वचन कहे।   |   ramayan सर्ग 6.10: विभीषण का रावण के महल में जाना, उसे अपशकुनों का भय दिखाकर सीता को लौटा देने के लिये प्रार्थना करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 10: विभीषण का रावण के महल में जाना, उसे अपशकुनों का भय दिखाकर सीता को लौटा देने के लिये प्रार्थना करना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  6.10.26 
इति स्वमन्त्रिणां मध्ये भ्राता भ्रातरमूचिवान्।
रावणं रक्षसां श्रेष्ठं पथ्यमेतद् विभीषण:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार भाई विभीषण ने अपने मंत्रियों की उपस्थिति में अपने बड़े भाई राक्षसराज रावण से ये हितकारी वचन कहे।
 
Thus brother Vibhishana spoke these beneficial words to his elder brother, the demon king Ravana, in the presence of his ministers. 26.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)