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ramayan 6.10.20: लंकापुरी पर गिद्धों के झुंड मंडराते हैं, मानो उसे छू रहे हों। दोनों शामों के समय मादा सियार नगरी के पास आकर अशुभ ध्वनियाँ करती हैं।   |   ramayan सर्ग 6.10: विभीषण का रावण के महल में जाना, उसे अपशकुनों का भय दिखाकर सीता को लौटा देने के लिये प्रार्थना करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 10: विभीषण का रावण के महल में जाना, उसे अपशकुनों का भय दिखाकर सीता को लौटा देने के लिये प्रार्थना करना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.10.20 
गृध्राश्च परिलीयन्ते पुरीमुपरि पिण्डिता:।
उपपन्नाश्च संध्ये द्वे व्याहरन्त्यशिवं शिवा:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
लंकापुरी पर गिद्धों के झुंड मंडराते हैं, मानो उसे छू रहे हों। दोनों शामों के समय मादा सियार नगरी के पास आकर अशुभ ध्वनियाँ करती हैं।
 
Flocks of vultures hover over Lankapuri, as if touching it. During both the evenings, female jackals come near the city and make ominous sounds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)