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खरोष्ट्राश्वतरा राजन् भिन्नरोमा: स्रवन्ति च।
न स्वभावेऽवतिष्ठन्ते विधानैरपि चिन्तिता:॥ १८॥
अनुवाद
'राजन्! गधे, ऊँट और खच्चरों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उनकी आँखों से आँसू गिरने लगते हैं। उचित उपचार के बाद भी वे पूर्णतः स्वस्थ नहीं होते।॥18॥
‘King! The hair of donkeys, camels and mules stand on end. Tears start falling from their eyes. Even after proper treatment they do not become completely healthy.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥