श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 9: हनुमान जी का रावण के श्रेष्ठ भवन पुष्पक विमान तथा रावण के रहने की सुन्दर हवेली को देखकर उसके भीतर सोयी हुई सहस्रों सुन्दरी स्त्रियों का अवलोकन करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  5.9.12 
परेण तपसा लेभे यत् कुबेर: पितामहात्।
कुबेरमोजसा जित्वा लेभे तद् राक्षसेश्वर:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
कुबेर ने घोर तपस्या करके ब्रह्माजी से इसे प्राप्त किया था। तत्पश्चात् राक्षसराज रावण ने बलपूर्वक कुबेर को परास्त करके इसे अपने अधिकार में ले लिया।॥12॥
 
Kubera performed severe penance and obtained it from Brahma. Later, the demon king Ravana defeated Kubera by force and took it in his possession.॥ 12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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