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ramayan 5.7.12: नीलम, चाँदी और मूँगों से उड़ने वाले पक्षी बनाए गए। नाना प्रकार के रत्नों से नाना रंगों के सर्प बनाए गए और उत्तम नस्ल के समान सुन्दर शरीर वाले घोड़े भी बनाए गए।॥12॥   |   ramayan सर्ग 5.7: रावण के भवन एवं पुष्पक विमान का वर्णन   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 7: रावण के भवन एवं पुष्पक विमान का वर्णन  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  5.7.12 
कृताश्च वैदूर्यमया विहङ्गा
रूप्यप्रवालैश्च तथा विहङ्गा:।
चित्राश्च नानावसुभिर्भुजङ्गा
जात्यानुरूपास्तुरगा: शुभाङ्गा:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
नीलम, चाँदी और मूँगों से उड़ने वाले पक्षी बनाए गए। नाना प्रकार के रत्नों से नाना रंगों के सर्प बनाए गए और उत्तम नस्ल के समान सुन्दर शरीर वाले घोड़े भी बनाए गए।॥12॥
 
Flying birds were made of sapphire, silver and corals. Serpents of various colours were made from various kinds of gems and horses with beautiful bodies like those of good breed were also made.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)