Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.68.6: आपके दर्शन न करने से जो दुःख हुआ है, वह मुझ पराजित और दुःखी अवस्था वाले को, दुःख पर दुःख भोगकर, और भी अधिक पीड़ा देता रहेगा॥6॥   |   ramayan सर्ग 5.68: हनुमान जी का सीता के संदेह और अपने द्वारा उनके निवारण का वृत्तान्त बताना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 68: हनुमान जी का सीता के संदेह और अपने द्वारा उनके निवारण का वृत्तान्त बताना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  5.68.6 
तवादर्शनज: शोको भूयो मां परितापयेत्।
दुखाद् दु:खपराभूतां दुर्गतां दु:खभागिनीम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
आपके दर्शन न करने से जो दुःख हुआ है, वह मुझ पराजित और दुःखी अवस्था वाले को, दुःख पर दुःख भोगकर, और भी अधिक पीड़ा देता रहेगा॥6॥
 
The grief caused by not seeing you will continue to cause further anguish to me, the one who is defeated and in a miserable state, after having to endure suffering after suffering. ॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)