श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 68: हनुमान जी का सीता के संदेह और अपने द्वारा उनके निवारण का वृत्तान्त बताना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  5.68.27 
शैलाम्बुदनिकाशानां लङ्कामलयसानुषु।
नर्दतां कपिमुख्यानां नचिराच्छ्रोष्यसे स्वनम्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
लंका के चारों ओर मलय पर्वत की चोटियों पर पर्वतों और मेघों के समान विशाल शरीर वाले प्रमुख वानर आकर गर्जना करेंगे और तुम शीघ्र ही उनकी गर्जना सुनोगे॥ 27॥
 
‘On the peaks of the Malaya mountain range surrounding Lanka, the chief monkeys with bodies as huge as mountains and clouds will come and roar and you will soon hear their roars.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)