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श्लोक 5.68.19  |
येषां नोपरि नाधस्तान्न तिर्यक् सज्जते गति:।
न च कर्मसु सीदन्ति महत्स्वमिततेजस:॥ १९॥ |
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| अनुवाद |
| उनकी गति कहीं भी, नीचे, ऊपर या सब ओर कभी नहीं रुकती। वे परम तेजस्वी वानर बड़े से बड़े कार्य में भी कभी सुस्त नहीं होते॥19॥ |
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| ‘Their movement never stops anywhere, below, above or on all sides. Those immensely brilliant monkeys never become sluggish even when faced with the greatest of tasks.॥ 19॥ |
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