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श्लोक 5.68.18  |
तस्य विक्रमसम्पन्ना: सत्त्ववन्तो महाबला:।
मन:संकल्पसदृशा निदेशे हरय: स्थिता:॥ १८॥ |
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| अनुवाद |
| उसके पास बड़े-बड़े बलवान, पराक्रमी और महाबली वानर हैं, जो मन की इच्छा के समान तीव्र गति से चलते हैं। वे सब-के-सब सदैव उसके अधीन रहते हैं॥18॥ |
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| ‘He has mighty, powerful and mighty monkeys who move as fast as the will of the mind. All of them are always under his command.॥ 18॥ |
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