Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.68.11: हे शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले वानरश्रेष्ठ! इसमें संदेह नहीं कि आप ही इस कार्य के लिए पर्याप्त हैं। तथापि आपके इस बल के प्रस्फुटन से आपकी ही कीर्ति होगी (श्री राम की नहीं)॥11॥ | ramayan सर्ग 5.68: हनुमान जी का सीता के संदेह और अपने द्वारा उनके निवारण का वृत्तान्त बताना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले वानरश्रेष्ठ! इसमें संदेह नहीं कि आप ही इस कार्य के लिए पर्याप्त हैं। तथापि आपके इस बल के प्रस्फुटन से आपकी ही कीर्ति होगी (श्री राम की नहीं)॥11॥
O best of the apes who destroys the enemy's warriors! There is no doubt that you alone are enough to accomplish this task. However, this outburst of your strength will bring glory to you only (not to Shri Rama).॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥