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श्लोक 17-18h
श्लोक
5.67.17-18h
राम त्वां स नमस्कृत्य राज्ञो दशरथस्य च॥ १७॥
विसृष्टस्तु तदा काक: प्रतिपेदे स्वमालयम्।
अनुवाद
श्री राम! तत्पश्चात वह कौआ आपसे विदा होकर पृथ्वी पर आपको तथा स्वर्ग में राजा दशरथ को नमस्कार करके अपने घर चला गया॥17 1/2॥
Shri Ram! Thereafter the crow took leave of you and after saluting you on earth and King Dasharath in heaven, went back to his home.॥ 17 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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