श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 63: दधिमुख से मधुवन के विध्वंस का समाचार सुनकर सुग्रीव का हनुमान् आदि वानरों की सफलता के विषय में अनुमान  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  5.63.8 
शिष्टमत्रापविध्यन्ति भक्षयन्ति तथापरे।
निवार्यमाणास्ते सर्वे भ्रुकुटिं दर्शयन्ति हि॥ ८॥
 
 
अनुवाद
‘दूसरी बात, वहाँ बन्दर केवल खाते-पीते ही नहीं, वरन् जो कुछ उनके सामने रह जाता है, उसे उठाकर फेंक देते हैं और जब हम उन्हें रोकने का प्रयत्न करते हैं, तब वे सब हमें टेढ़ी भौंहें दिखाते हैं।॥8॥
 
‘Secondly, the monkeys not only eat and drink there, they pick up and throw away whatever is left in front of them and when we try to stop them, they all show us crooked eyebrows.॥ 8॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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