श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 63: दधिमुख से मधुवन के विध्वंस का समाचार सुनकर सुग्रीव का हनुमान् आदि वानरों की सफलता के विषय में अनुमान  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  5.63.15 
एवमुक्तस्तु सुग्रीवो लक्ष्मणेन महात्मना।
लक्ष्मणं प्रत्युवाचेदं वाक्यं वाक्यविशारद:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
जब महात्मा लक्ष्मण ने उनसे यह प्रश्न पूछा, तब बातचीत में कुशल सुग्रीव ने इस प्रकार उत्तर दिया-॥15॥
 
When Mahatma Lakshman asked him this question, Sugreeva, who was skilled in conversation, replied thus -॥ 15॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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