श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 62: वानरों द्वारा मधुवन के रक्षकों और दधिमुख का पराभव तथा सेवकों सहितदधिमुख का सुग्रीव के पास जाना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.62.9 
मधूनि द्रोणमात्राणि बाहुभि: परिगृह्य ते।
पिबन्ति कपय: केचित् सङ्घशस्तत्र हृष्टवत्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
वहाँ बहुत से बन्दर बड़े-बड़े समूहों में इकट्ठे होते और उनमें से प्रत्येक अपनी भुजाओं से शहद से भरा हुआ द्रोण* का छत्ता पकड़ लेता और प्रसन्नतापूर्वक उसे पीता।
 
Many monkeys would gather there in large groups and each one would grab a Drona* hive full of honey with their arms and drink it happily.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)