स कथंचिद् विमुक्तस्तैर्वानरैर्वानरर्षभ:।
उवाचैकान्तमागत्य स्वान् भृत्यान् समुपागतान्॥ २८॥
अनुवाद
किसी प्रकार उन वानरों के हाथ से छूटकर वानरों का प्रधान दधमुख एकांत स्थान पर आया और वहाँ एकत्रित अपने सेवकों से बोला - ॥28॥
After somehow getting free from the hands of those monkeys, the chief of the monkeys Dadhmukh came to a secluded place and said to his servants gathered there - ॥28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥