श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 62: वानरों द्वारा मधुवन के रक्षकों और दधिमुख का पराभव तथा सेवकों सहितदधिमुख का सुग्रीव के पास जाना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  5.62.22 
ते शिला: पादपांश्चैव पाषाणानपि वानरा:।
गृहीत्वाभ्यागमन् क्रुद्धा यत्र ते कपिकुञ्जरा:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
क्रोध से भरकर वे वानर चट्टानें, वृक्ष और पत्थर लेकर उस स्थान पर आये जहाँ हनुमान और अन्य वानर शहद खा रहे थे।
 
Filled with anger, those monkeys came with rocks, trees and stones to the place where Hanuman and other such apes were consuming honey.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)