श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 61: वानरों का मधुवन में जाकर वहाँ के मधु एवं फलों का मनमाना उपभोग करना और वनरक्षक को घसीटना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  5.61.8 
यत् तन्मधुवनं नाम सुग्रीवस्याभिरक्षितम्।
अधृष्यं सर्वभूतानां सर्वभूतमनोहरम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
उसका नाम मधुवन था। सुग्रीव का वह मधुवन पूरी तरह सुरक्षित था। कोई भी प्राणी उसे नुकसान नहीं पहुँचा सकता था। सभी प्राणी उसे देखकर ललचा जाते थे।
 
Its name was Madhuvan. That Madhuvan of Sugreeva was completely safe. None of the creatures could harm it. All creatures were tempted to see it.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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