श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 61: वानरों का मधुवन में जाकर वहाँ के मधु एवं फलों का मनमाना उपभोग करना और वनरक्षक को घसीटना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  5.61.13 
ते निसृष्टा: कुमारेण धीमता वालिसूनुना।
हरय: समपद्यन्त द्रुमान् मधुकराकुलान्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
वालि के बुद्धिमान पुत्र राजकुमार अंगद से अनुमति लेकर वे वानर भौंरों के झुंडों से भरे हुए वृक्षों पर चढ़ गए ॥13॥
 
Taking permission from Prince Angad, the wise son of Vali, the monkeys climbed the trees filled with swarms of bumblebees. 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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