Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.60.5-7h: ‘राक्षसों सहित सम्पूर्ण लंकापुरी का विनाश करने और महाबली रावण का वध करने के लिए मैं अकेला ही पर्याप्त हूँ। फिर यदि मुझे आप जैसे वीर, बलवान, शुद्धात्मा, पराक्रमी और विजय की इच्छा रखने वाले, समस्त अस्त्र-शस्त्रों के ज्ञाता वानरों का सहयोग मिल जाए, तो और क्या कहा जा सकता है?॥ 5-6 1/2॥ | ramayan सर्ग 5.60: अङ्गद का लङ्का को जीतकर सीता को ले आने का उत्साहपूर्ण विचार और जाम्बवान् के द्वारा उसका निवारण । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘राक्षसों सहित सम्पूर्ण लंकापुरी का विनाश करने और महाबली रावण का वध करने के लिए मैं अकेला ही पर्याप्त हूँ। फिर यदि मुझे आप जैसे वीर, बलवान, शुद्धात्मा, पराक्रमी और विजय की इच्छा रखने वाले, समस्त अस्त्र-शस्त्रों के ज्ञाता वानरों का सहयोग मिल जाए, तो और क्या कहा जा सकता है?॥ 5-6 1/2॥
‘Even I alone am sufficient to destroy the entire Lankapuri along with the demons and kill the mighty Ravana. Then if I get the help of brave, strong, pure souled, powerful and victory-desiring monkeys like you who know all the weapons, then what more can be said?॥ 5-6 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥