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ramayan 5.60.4-5h: 'यदि ये दोनों क्रोधित हो जाएं तो हाथी, घोड़े और रथों सहित सम्पूर्ण लंका को नष्ट कर सकते हैं, चाहे अन्य सभी वानर वहीं बैठे रहें।'   |   ramayan सर्ग 5.60: अङ्गद का लङ्का को जीतकर सीता को ले आने का उत्साहपूर्ण विचार और जाम्बवान् के द्वारा उसका निवारण   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 60: अङ्गद का लङ्का को जीतकर सीता को ले आने का उत्साहपूर्ण विचार और जाम्बवान् के द्वारा उसका निवारण  »  श्लोक 4-5h
 
 
श्लोक  5.60.4-5h 
एतावेव हि संक्रुद्धौ सवाजिरथकुञ्जराम्॥ ४॥
लङ्कां नाशयितुं शक्तौ सर्वे तिष्ठन्तु वानरा:।
 
 
अनुवाद
'यदि ये दोनों क्रोधित हो जाएं तो हाथी, घोड़े और रथों सहित सम्पूर्ण लंका को नष्ट कर सकते हैं, चाहे अन्य सभी वानर वहीं बैठे रहें।'
 
‘If these two become angry, they can destroy the entire Lanka including its elephants, horses and chariots, even if all the other monkeys remain seated. 4 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)