Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.60.18-19h: अतः हे श्रेष्ठ वानर-मुखियों! ऐसी स्थिति में हमारे सारे प्रयत्न व्यर्थ हो जाएँगे। भगवान राम संतुष्ट नहीं होंगे और हमारा पराक्रम भी व्यर्थ हो जाएगा॥18 1/2॥ | ramayan सर्ग 5.60: अङ्गद का लङ्का को जीतकर सीता को ले आने का उत्साहपूर्ण विचार और जाम्बवान् के द्वारा उसका निवारण । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विफलं कर्म च कृतं भवेत् तुष्टिर्न तस्य च॥ १८॥
वृथा च दर्शितं वीर्यं भवेद् वानरपुङ्गवा:।
अनुवाद
अतः हे श्रेष्ठ वानर-मुखियों! ऐसी स्थिति में हमारे सारे प्रयत्न व्यर्थ हो जाएँगे। भगवान राम संतुष्ट नहीं होंगे और हमारा पराक्रम भी व्यर्थ हो जाएगा॥18 1/2॥
‘Therefore, O great monkey-heads! In such a situation, all our efforts will go in vain. Lord Rama will not be satisfied and our display of valour will also prove futile.॥ 18 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥