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ramayan 5.60.17-18h: राजा श्री राम ने स्वयं ही समस्त प्रमुख वानर योद्धाओं के समक्ष सीता को पुनः प्राप्त करने की प्रतिज्ञा की है। वे इसे कैसे अस्वीकार कर सकते हैं?॥ 17 1/2॥   |   ramayan सर्ग 5.60: अङ्गद का लङ्का को जीतकर सीता को ले आने का उत्साहपूर्ण विचार और जाम्बवान् के द्वारा उसका निवारण   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.60.17-18h 
प्रतिज्ञाय स्वयं राजा सीताविजयमग्रत:॥ १७॥
सर्वेषां कपिमुख्यानां कथं मिथ्या करिष्यति।
 
 
अनुवाद
राजा श्री राम ने स्वयं ही समस्त प्रमुख वानर योद्धाओं के समक्ष सीता को पुनः प्राप्त करने की प्रतिज्ञा की है। वे इसे कैसे अस्वीकार कर सकते हैं?॥ 17 1/2॥
 
King Shri Ram has himself vowed in front of all the chief monkey warriors to win back Sita. How can he deny it?॥ 17 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)