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ramayan 5.60.11: जब हनुमानजी ने राक्षसों के प्रधान योद्धाओं को मार डाला है, तब ऐसी परिस्थिति में हमारा और क्या कर्तव्य है कि हम जनकनन्दिनी सीता को अपने साथ ले जाएँ?॥ 11॥   |   ramayan सर्ग 5.60: अङ्गद का लङ्का को जीतकर सीता को ले आने का उत्साहपूर्ण विचार और जाम्बवान् के द्वारा उसका निवारण   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.60.11 
तेष्वेवं हतवीरेषु राक्षसेषु हनूमता।
किमन्यदत्र कर्तव्यं गृहीत्वा याम जानकीम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
जब हनुमानजी ने राक्षसों के प्रधान योद्धाओं को मार डाला है, तब ऐसी परिस्थिति में हमारा और क्या कर्तव्य है कि हम जनकनन्दिनी सीता को अपने साथ ले जाएँ?॥ 11॥
 
When Hanuman has killed the chief warriors of the demons, what other duty can we have in such circumstances except that we should take along with us Janakanandini Sita?॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)