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ramayan 5.6.9: सीमा पर पहरा देने वाले विनयशील राक्षस उस भवन की रक्षा करते थे। वह सब ओर से परम सुन्दरी स्त्रियों से भरा हुआ था॥9॥   |   ramayan सर्ग 5.6: हनुमान जी का रावण तथा अन्यान्य राक्षसों के घरों में सीताजी की खोज करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.6.9 
विनीतैरन्तपालैश्च रक्षोभिश्च सुरक्षितम्।
मुख्याभिश्च वरस्त्रीभि: परिपूर्णं समन्तत:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
सीमा पर पहरा देने वाले विनयशील राक्षस उस भवन की रक्षा करते थे। वह सब ओर से परम सुन्दरी स्त्रियों से भरा हुआ था॥9॥
 
The courteous demons guarding the border used to protect that building. It was filled with the most beautiful women from all sides.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)