श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 6: हनुमान जी का रावण तथा अन्यान्य राक्षसों के घरों में सीताजी की खोज करना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  5.6.28 
सर्वेषां समतिक्रम्य भवनानि समन्तत:।
आससादाथ लक्ष्मीवान् राक्षसेन्द्रनिवेशनम्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् बल और तेज से परिपूर्ण हनुमान्‌ उन समस्त भवनों को पार करके पुनः राक्षसराज रावण के महल में आ पहुँचे॥28॥
 
After that, Hanuman, full of strength and glory, crossed all those buildings and again came to the palace of demon king Ravana. 28॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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