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ramayan 5.6.20: इसके बाद महान् एवं वेगशाली महाकपि हनुमान्‌जी पुनः उछलकर वज्रदंष्ट्र, शुक और बुद्धिमान् सारण के घर पहुँचे॥20॥   |   ramayan सर्ग 5.6: हनुमान जी का रावण तथा अन्यान्य राक्षसों के घरों में सीताजी की खोज करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.6.20 
वज्रदंष्ट्रस्य च तथा पुप्लुवे स महाकपि:।
शुकस्य च महावेग: सारणस्य च धीमत:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद महान् एवं वेगशाली महाकपि हनुमान्‌जी पुनः उछलकर वज्रदंष्ट्र, शुक और बुद्धिमान् सारण के घर पहुँचे॥20॥
 
After this, the great and swift Mahakapi Hanuman again jumped and reached the houses of Vajradanshtra, Shuka and wise Saran. 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)