श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 6: हनुमान जी का रावण तथा अन्यान्य राक्षसों के घरों में सीताजी की खोज करना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  5.6.11 
तद् राजगुणसम्पन्नं मुख्यैश्च वरचन्दनै:।
महाजनसमाकीर्णं सिंहैरिव महद् वनम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
वह महल राजसी साज-सज्जा से परिपूर्ण था, उत्तम एवं सुन्दर चन्दन की लकड़ियों से सुसज्जित था तथा सिंहों से भरे हुए विशाल वन के समान श्रेष्ठ पुरुषों से भरा हुआ था।
 
That palace was full of royal paraphernalia, was decorated with the finest and most beautiful sandalwood and was filled with prominent men like a huge forest filled with lions. 11.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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