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ramayan 5.58.81: दसमुख वाले रावण के चले जाने पर विकराल मुख वाले राक्षस अत्यंत क्रूर वचनों से सीता को डराने लगे ॥81॥   |   ramayan सर्ग 5.58: जाम्बवान् के पूछने पर हनुमान जी का अपनी लङ्का यात्रा का सारा वृत्तान्त सुनाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.58.81 
याते तस्मिन् दशग्रीवे राक्षस्यो विकृतानना:।
सीतां निर्भर्त्सयामासुर्वाक्यै: क्रूरै: सुदारुणै:॥ ८१॥
 
 
अनुवाद
दसमुख वाले रावण के चले जाने पर विकराल मुख वाले राक्षस अत्यंत क्रूर वचनों से सीता को डराने लगे ॥81॥
 
After the departure of the ten-faced Ravana, the monstrous-faced demons started intimidating Sita with extremely cruel words. 81॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)