श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 58: जाम्बवान् के पूछने पर हनुमान जी का अपनी लङ्का यात्रा का सारा वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  5.58.63 
ततो हलहलाशब्दं काञ्चीनूपुरमिश्रितम्।
शृणोम्यधिकगम्भीरं रावणस्य निवेशने॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
'इस बीच रावण के महल में करधनी और पायल की झनकार के साथ और भी तीव्र ध्वनि सुनाई देने लगी।
 
‘Meanwhile, a more intense noise mixed with the tinkling of girdles and anklets was heard in Ravana's palace. 63.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)