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श्लोक  5.58.44 
सा विसृष्टभुजा भीमा पपात लवणाम्भसि।
मया पर्वतसंकाशा निकृत्तहृदया सती॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
जब मैंने उसका कलेजा काट डाला, तब वह दुष्ट राक्षसी, जिसका शरीर पर्वत के समान भयानक था, समुद्र के जल में गिर पड़ी, क्योंकि उसकी दोनों भुजाएं शिथिल हो गई थीं।
 
After I cut off her liver, that wicked demoness with a body as terrible as a mountain fell into the water of the ocean because both her arms became limp.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)