Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.58.27-28h: तुम भी श्री रामचंद्रजी के राज्य में रहते हो, अतः तुम्हें उनकी सहायता करनी चाहिए। अथवा मैं मिथिला की पुत्री सीता और महान् कर्म करने वाले श्री रामचंद्रजी को देखकर बिना किसी परिश्रम के ही तुम्हारे मुख में आ जाऊँगा, ऐसी मैं तुम्हें सच्चे मन से प्रतिज्ञा करता हूँ।॥27 1/2॥ | ramayan सर्ग 5.58: जाम्बवान् के पूछने पर हनुमान जी का अपनी लङ्का यात्रा का सारा वृत्तान्त सुनाना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कर्तुमर्हसि रामस्य साहाय्यं विषये सती।
अथवा मैथिलीं दृष्ट्वा रामं चाक्लिष्टकारिणम्॥ २७॥
आगमिष्यामि ते वक्त्रं सत्यं प्रतिशृणोमि ते।
अनुवाद
तुम भी श्री रामचंद्रजी के राज्य में रहते हो, अतः तुम्हें उनकी सहायता करनी चाहिए। अथवा मैं मिथिला की पुत्री सीता और महान् कर्म करने वाले श्री रामचंद्रजी को देखकर बिना किसी परिश्रम के ही तुम्हारे मुख में आ जाऊँगा, ऐसी मैं तुम्हें सच्चे मन से प्रतिज्ञा करता हूँ।॥27 1/2॥
You also live in the kingdom of Shri Ramchandraji, so you should help him. Or I will come into your mouth after seeing Mithila's daughter Sita and Shri Ramchandraji, who performs great deeds, without any effort, I promise you this with all sincerity.'॥ 27 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥