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ramayan 5.58.127-128h: अक्षकुमार युद्धभूमि में आया और मारा गया - यह सुनकर दशमुख रावण अत्यंत क्रोधित हुआ और उसने अपने दूसरे पुत्र इंद्रजीत को, जो अत्यंत वीर और बलवान था, भेजा ॥127 1/2॥   |   ramayan सर्ग 5.58: जाम्बवान् के पूछने पर हनुमान जी का अपनी लङ्का यात्रा का सारा वृत्तान्त सुनाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.58.127-128h 
तमक्षमागतं भग्नं निशम्य स दशानन:।
ततश्चेन्द्रजितं नाम द्वितीयं रावण: सुतम्॥ १२७॥
व्यादिदेश सुसंक्रुद्धो बलिनं युद्धदुर्मदम्।
 
 
अनुवाद
अक्षकुमार युद्धभूमि में आया और मारा गया - यह सुनकर दशमुख रावण अत्यंत क्रोधित हुआ और उसने अपने दूसरे पुत्र इंद्रजीत को, जो अत्यंत वीर और बलवान था, भेजा ॥127 1/2॥
 
Akshakumara came to the battlefield and was killed - on hearing this, Dasamukh Ravana became very angry and sent his other son Indrajit, who was very brave and strong.॥ 127 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)