श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 58: जाम्बवान् के पूछने पर हनुमान जी का अपनी लङ्का यात्रा का सारा वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 123
 
 
श्लोक  5.58.123 
मन्त्रिपुत्रान् हतान् श्रुत्वा समरे लघुविक्रमान्।
पञ्च सेनाग्रगान् शूरान् प्रेषयामास रावण:॥ १२३॥
 
 
अनुवाद
युद्ध में शीघ्रतापूर्वक वीरता दिखानेवाले मन्त्रीकुमार मारे गए, यह सुनकर रावण ने पाँच वीर सेनापतियों को भेजा ॥123॥
 
Hearing that the Mantrikumars, who had quickly displayed bravery in the battle, had been killed, Ravana sent five brave generals. 123॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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