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श्लोक 5.58.123  |
मन्त्रिपुत्रान् हतान् श्रुत्वा समरे लघुविक्रमान्।
पञ्च सेनाग्रगान् शूरान् प्रेषयामास रावण:॥ १२३॥ |
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| अनुवाद |
| युद्ध में शीघ्रतापूर्वक वीरता दिखानेवाले मन्त्रीकुमार मारे गए, यह सुनकर रावण ने पाँच वीर सेनापतियों को भेजा ॥123॥ |
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| Hearing that the Mantrikumars, who had quickly displayed bravery in the battle, had been killed, Ravana sent five brave generals. 123॥ |
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